Bharat mein aatankwad essay in hindi

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Essay on Terrorism in Hindi – आतंकवाद पर निबंध

Last Updated April 4, 2017 By The Editor 1 Comment

Essay on Terrorism in Hindi अर्थात इस article में आप पढेंगे, आतंकवाद पर निबंध जिसका विषय है, बढ़ता आतंकवाद – एक चुनौती.

बढ़ता आतंकवाद – एक चुनौती

आज पूरा विश्व आतंकवाद से पीड़ित है । आतंकवाद का राक्षस अपनी आंतों में पूरी दुनिया को समा चुका है । पाकिस्तान में बैठा आतंकी अपने देश में ही नहीं, सात समुद्र पर अमेरिका में भी मारकाट मचा रहा है । अमेरिका को अपने निवासी या पड़ोसी से नहीं, हजारों मील दूर बैठे तालिबान आतंकवादियों से खतरा है । पाकिस्तान, जर्मनी, इंग्लैंड, इजराइल, रूस आदि कोई देश इस समस्या से बचा नहीं है । संसार में ऐसे-ऐसे विश्वव्यापी आतंकी संगठन हैं जिनकी शक्ति अनेक देशों की हुकूमतों से भी बड़ी है । अलकायदा, लश्कर ए तोयबा जैसे संगठनों को पाकिस्तान की सरकार ही पाल पोसकर बड़ा कर रही है ।

इस कारण विश्व का कोई भी नागरिक अपने आपको कहीं भी सुरक्षित नहीं कर पाता । विश्व की अंधिकांश जनता इस राक्षस को कुचलना चाहती है । परन्तु यह राक्षस बहुत बड़ा है । इसे काबू करने के लिए हाथ भी बहुत बड़े होने चाहिए । आज समय आ गया है कि पाकिस्तान जैसे देश भी संभलें, वर्ना वे खुद भी मरेंगे तथा दूसरों को भी जाने नहीं देंगे । जब प्रशासन या समाज के किसी वर्ग को आतंकित करने के लिए हिंसक तरीकों का सहारा लिया जाता है तो उसे आतंकवाद कहते हैं । अपने विरोधियों को डराने के लिए कुछ लोग घृणित तरीकों का सहारा लेते हैं, वे बे-गुनाह लोगों की हत्या कर देते हैं, कहीं भी हिंसक घटनाओं को अंजाम दे देते हैं तथा देश की एकता एवं अखण्डता को खतरे में डाल देते हैं ।

ऐसे लोगों को आतंकवादी या उग्रवादी कहा जाता है । इस प्रकार के लोग अपनी इन हरकतों के कारण अपना दबदबा बनाए रखते हैं । ऐसे लोगों का कोई. दीन-ईमान नहीं होता, न ही मानवता होती है, न ही जीवन मूल्य । वे — कहीं भी किसी को भी जख्मी कर देते हैं, किसी की भी हत्या कर देते — हैं, किसी का भी अपहरण कर लेते हैं तथा किसी को भी डरा- धमका कर उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लेते है । भारत भूमि अहिंसा की पुजारी है । शांति से जीवनयापन करना ही यहां के लोगों का लक्ष्य रहा है । जीओ और जीने दो का नारा ही उसका धर्म रहा हैँ ।

लेकिन खेद की बात यह है कि अहिंसक तथा शांतिप्रिय देश भारत में पिछले कई दशकों से सांप्रदायिकता हिंसा और आतंकवाद का बोलबाला है । आतंकवाद का प्रारंभ बंगाल में नक्सलवादियों द्वारा आरंभ किया गया । इसे आगे बढ़ाने का काम पंजाब में खालिस्तान बनाने की मांग से हुआ । असंख्य बेगुनाहों का खून बहा । आज इसकी स्थिति इतनी विकृत हो गई है कि- धीरे- धीरे समूचा भारत कश्मीर, असम, बिहार, उत्तर प्रदेश आदि इसका शिकार हो रहे हैं । जन-जन में आज भय समा गया है । देश के लोग ही इसे खोखला करने में लगे हुए हैं ।

सरकार अपनी ओर से इस आतंकवाद के भूत को भगाने के अनेक प्रयास कर रही है, कानून बदल रही है । आम लोगों के मन को जागृत करने का प्रयास कर रही है । लेकिन परिणाम कुछ भी नहीं मिल रहे । मुंबई, अहमदाबाद तथा दिल्ली में हुए सीरियल ब्लास्ट इस बात की गवाही देते हैं कि हमारे देश का कानून ही नहीं सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर है । इन आतंकी हमलों के कारण अनेक बेगुनाह लोग मारे जाते हैं । कितने ही परिवार उजड़ जाते हैं । आज इस आतंकवाद के विरुद्ध कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है ।

इस अभियान में देश के प्रत्येक सदस्य का सहयोग आवश्यक है । वरना वह दिन दूर नहीं जब पूरे भारत में अशांति फैल जाएगी । कश्मीर का आतंक तो अब कैंसर से भी अधिक घातक बन गया है । ये आतंकवादी कभी किसी मंदिर में बम डालते है तो कभी भरे बाजार में, कभी ये एक शहर में बम विस्फोट करते हैं तो कभी दूसरे में । सभी देशवासियों को एकजुट होकर इस आतंकवाद के खिलाफा आवाज उठानी — होगी तथा इसे जड़ से समाप्त करने के लिये कठोर कदम उठाने होंगे ।

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